बिहार की राजनीति में विकास, अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। केरल में चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव लगातार नीतीश सरकार पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया के जरिए भी वे सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि विकास के लगभग हर पैमाने पर बिहार देश के निचले पायदान पर है, जबकि अपराध, पलायन और भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य शीर्ष पर बना हुआ है। उन्होंने 32 बिंदुओं के जरिए बिहार की स्थिति को दर्शाते हुए शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की बिक्री जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें नैतिक साहस है, तो वे किसी भी समय और स्थान पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। तेजस्वी ने कहा कि सरकार अपने ही आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर विकास का दावा करे और खुलकर चर्चा करे।
तेजस्वी के इस हमले पर जेडीयू ने भी तीखा जवाब दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बहस में देरी क्यों हो रही है, समय और स्थान तय किया जाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से लेकर अपराध तक हर मुद्दे पर चर्चा होगी। साथ ही यह भी सवाल उठाया जाएगा कि दारू कंपनियों से राजनीतिक चंदा क्यों लिया गया।
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल और उनके निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर के विकास पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय वहां के लोगों की स्थिति क्या थी, इसका जवाब भी देना होगा। जेडीयू ने तीन संभावित स्थान—गंगा पथ, महुआ बाग और कौटिल्य नगर—का सुझाव देते हुए कहा कि तेजस्वी इनमें से कहीं भी बहस के लिए आ सकते हैं, लेकिन उन्हें खुद उपस्थित रहना होगा।
इस तरह बिहार की राजनीति में अब विकास के मुद्दे पर सीधी बहस की चुनौती ने माहौल और गरमा दिया है।
