पूर्णिया जिले के मध्य जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि सहायक नेता फिरू सिंह अपने साथियों के साथ किसी बड़े विश्वविद्यालय को अंजाम देने के लिए एक मकान में छिप गया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया कॉलेज के पास स्थित एक मंजिल के मकान में स्थापत्य की घेराबंदी की सूचना पुलिस टीम को दी गई। जैसे ही पुलिस ने अलाउंस दी, मंज़ूरी ने पुलिस के लिए दो राउंड असॉल्ट कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी हथियारबंद हथियारों और बंदूकों को सरेंडर करने की चेतावनी दी।
संग्रहालयों ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए, लेकिन पुलिस की बमबारी और घेराबंदी के आगे उनकी एक न चली। आखिरकार पुलिस ने सरसी निवासी नाबालिग अपराधी मुख्तार अंसारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में मुकेश सिंह (कासगंज, यूपी), नारायण (एटा, यूपी), रूपेश यादव (नवगछिया, भागलपुर) और शुभम कुमार (कटिहार) शामिल हैं। हालांकि गैंग का एक सदस्य साहिल सौरव अंटार्कटिका का फ़ायदेमंद समूह हो गया है, जो कि जारी है।
पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने बताया कि गिरफ्तार लोगों के पास से दो राइफल, 53 जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किया गया है। इसके अलावा दो लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गईं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि जिस मकान में अपराधी थे, उसके मालिक साहिल सौरव को ही एक अन्य फायरिंग मामले में जमानत पर बाहर किया गया था।
सभी गिरफ्तार गिरोहों से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता चला है कि गिरोह के आगे क्या साजिश रची गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में एक बड़ी आपराधिक घटना बताई गई है।
