पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ने मोकामा के विधायक को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। यह जमानत जस्टिस आर. पी. मिश्रा की एकल पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंजूर की है। अनंत सिंह को यह राहत दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में मिली है, जिसमें वे पिछले करीब साढ़े चार महीने से जेल में बंद थे।
गौरतलब है कि जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या उस समय हुई थी, जब वे चुनाव प्रचार में सक्रिय थे। इसी मामले में पुलिस ने 1 नवंबर की रात अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था और अगले ही दिन 2 नवंबर को कोर्ट में पेश कर उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया था। तब से वे लगातार जेल में बंद थे।
अनंत सिंह, जो जेडीयू के प्रभावशाली और बाहुबली नेताओं में गिने जाते हैं, ने इस दौरान जेल में रहते हुए ही मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। वे पांचवीं बार विधायक बने हैं। इससे पहले भी उन्हें शपथ ग्रहण के समय जमानत मिली थी, जिसके तहत वे विधानसभा पहुंचे थे। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी वे वोट डालने के लिए विशेष अनुमति पर विधानसभा पहुंचे थे।
अब पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। माना जा रहा है कि जमानत से जुड़े कागजात शुक्रवार या शनिवार तक बेऊर जेल पहुंच सकते हैं, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव है।
दिलचस्प बात यह है कि 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने खुद ही जल्द बाहर आने का संकेत दिया था। और अब महज तीन दिन के भीतर कोर्ट के इस फैसले ने उनके बयान को सही साबित कर दिया है।
इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज होने की उम्मीद है, खासकर मोकामा और आसपास के इलाकों में इसका असर साफ देखा जा सकता है।
