पटना यूनिवर्सिटी में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी नए प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के लिए पहुंचे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और ‘सम्राट गो-बैक’ के नारे लगाने लगे। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और किसी तरह हालात को काबू में किया। हंगामे के बीच ही आनन-फानन में उद्घाटन कार्यक्रम पूरा कराया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और अन्य मंत्री बिना देर किए वहां से रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की जानकारी छात्रसंघ को पहले से नहीं दी गई थी, जिससे छात्र नाराज थे। छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध जताने लगे। उनके हाथ में ताला भी था, जिसे वे भवन में लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद छात्रों ने नारेबाजी तेज कर दी और माहौल और ज्यादा गरमा गया।
हंगामे के दौरान छात्रों की भीड़ बढ़ती गई और स्थिति को संभालने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और डीएम त्यागराजन भी मौजूद थे। अधिकारियों ने छात्रों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि न केवल छात्रसंघ, बल्कि यूनिवर्सिटी के कुलपति को भी कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया गया था, जो प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी में 147.29 करोड़ रुपये की लागत से नया प्रशासनिक भवन तैयार हुआ है। इस G+8 प्रशासनिक और G+9 एकेडमिक बिल्डिंग में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। विश्वविद्यालय का मुख्यालय यहां शिफ्ट किया जाएगा, जबकि पीजी की पढ़ाई नए एकेडमिक भवन में संचालित होगी।
