राजधानी पटना में एक बार फिर पुलिस और मछुआरों के बीच गैंग की घटना सामने आई है। फतुहा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी घायल हो गया। मौक़े से भारी मात्रा में अवैध ज़िंदा कार्ट और हथियार बरामद किये गये हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी बड़ी आपराधिक घटना पर समय रहते कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फतुहा इलाके में एक इंटरजिला अपराधी अवैध शराब और स्कार्पियों की बड़ी गोलियां बनाने के लिए गोली चलाने वाला है। सूचना को सूचीबद्ध करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और पहचान की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के जवानों ने वहां मौजूद आतंकियों पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने उन पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया। अचानक बनी इस स्थिति में पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित उत्तर कार्रवाई की। जवाबी कार्रवाई के दौरान एक अपराधी के पैर में गोली मार दी गई, जिससे वह घायल हो गया।
घायल अपराधी को पुलिस ने थाने से ही हिरासत में ले लिया और तत्काल उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घायल बदमाश चंपारण जिले का रहने वाला है। पुलिस को खतरा है कि उसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हो सकते हैं। अल्ट्रासाउंड पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में गहन जांच कर रही है।
सुरक्षा की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। टीम ने वहां से करीब 1200 से ज्यादा अवैध जिन्दा हथियार और कुछ आग्नेयास्त्र बरामद किये हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में कार्टन की बरामदगी इस बात का संकेत है कि अपराधी किसी बड़े विश्विद्यालय की साजिश रच रहे थे। पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
