बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन है, जहां मुख्यमंत्री राज्यसभा की सदस्यता लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। वे जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री के साथ 9 अप्रैल को ही दिल्ली पहुंच चुके थे।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की भूमिका केंद्रीय है और उनके फैसलों के अनुसार ही आगे की रणनीति तय होती है। वहीं मंत्री ने इस फैसले को भावनात्मक बताते हुए कहा कि पार्टी के लोग इससे दुखी जरूर हैं, लेकिन उनके निर्णय के साथ मजबूती से खड़े हैं।

दूसरी ओर, भाजपा नेता ने इसे बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने काफी विकास किया है। अब नजरें इस बात पर हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस पर विजय चौधरी ने साफ किया कि NDA विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव होगा और वही अगला मुख्यमंत्री बनेगा।

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के पटना लौटने के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज होगी। NDA की बैठक बुलाई जाएगी और 13 तारीख के बाद नई सरकार के गठन की शुरुआत हो सकती है। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की भी चर्चाएं तेज हैं।

सबसे अहम बात यह है कि इस बार बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक भी चल रही है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जा रही है।

खुद नीतीश कुमार ने संकेत दिया है कि वे अब दिल्ली में सक्रिय रहेंगे और जल्द ही मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसी और को सौंप देंगे। ऐसे में राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *