उड़ीसा जिले के तेलमेर थाना क्षेत्र के हिरदन बिगहा गांव में रविवार शाम उस समय एक किसान का शव खंडे से बरामद हुआ। मृतक की पहचान जीवनपुर गांव निवासी विंदा महतो के 40 वर्षीय पुत्र अमरेंद्र कुमार नीकू पिक्कू के रूप में हुई है। वह पिछले 12 दिनों से लापता था। एज़्ज़ाल्ट ने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या कर शव को कंधे में छुपाया गया था।
परिवार के अनुसार अमरेंद्र कुमार के अनुसार 17 मार्च को उसके घर से पता चला कि वह अपनी ससुराल जा रही है, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। स्थावरों और अभिलेखों पर उसकी काफी खोज की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः 24 मार्च को तेलीमर थाने में उसके गुम्बशुदागी की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस जांच में खुलासा हुआ था।
रविवार को करीब 4 बजे कुछ ग्रामीण अंगूर चराने के लिए खांडे की ओर गए थे। इसी दौरान उन्होंने एक साडा-गला शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना ने बताया कि तेलमेर थाना पुलिस के कार्यालय पर विस्फोटक और शव को अपने कब्जे में ले लिया गया है। शव की स्थिति काफी खराब होने के कारण पहचानना मुश्किल था, ऐसे में शव को बुलाया गया। परिवार ने अमरेंद्र कुमार की पहचान के लिए फोटो का आधार तैयार किया।
मृतक के भाई कौशलेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि अमरेंद्र की हत्या के बाद उनके शव को गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालाँकि उन्होंने किसी भी तरह की दुश्मनी की बात को खारिज कर दिया है। अमरेन्द्र खेती-बाड़ी का काम करते थे, जबकि उनकी पत्नी नितिन व्यास आस्थावान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टूडियो के पद पर हैं। घटना के बाद परिवार में चित्र बनाया गया है।
पुलिस ने शव को सदर अस्पताल, बिहार सरफराज के लिए भेज दिया है। भण्डारदेवर कुमार ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध है और हत्या सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेलेज़ रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। पूरे मामले की गहन जांच में पूछताछ हुई है।
