बिहार के जिलों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। रजौली थाना क्षेत्र में एसटीएफ और उग्रवादी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बंधक संगठन पीएलएफआई के दो हार्डकोर उग्रवादी उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है, जिसमें किसी बड़ी साजिश का अंदेशा दिखाया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन 20 मार्च की रात गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया। सूचना मिली कि पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य रजौली क्षेत्र में हैं। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में छापेमारी कर दो उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान दयानंद राजवंशी नीकी पटेल और मिथलेश राजवंशी के रूप में हुई है। दोनों रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया गांव के निवासी नामित जा रहे हैं।
आतंकवादियों के बाद दोनों उग्रवादियों की निशानदेही पर पुलिस ने भानेखाप के पहाड़ों और जंगली इलाकों में रासायनिक ऑपरेशन संचालन की खोज की। इस दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। बरामद सामान में 315 बोर की दो राइफलें, 20 जिंदा कारतूस, 100 मीटर से अधिक 100 मीटर तार के साथ 315 बोर की बंदूकें, एक 100 किलोमीटर से अधिक बारूदी सुरंगें, 9 डेटोनेटर शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि किसी बड़े विश्वविद्यालय को फिर से सजा दी गई है। इस मामले में रजौली थाना में रिकार्ड दर्ज किया गया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था में भी क्रमबद्ध किया गया है।
आतंकवादी है कि पीएलएफआई यानी पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया एक उग्रवादी संगठन है, जो मुख्य रूप से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसकी स्थापना दिनेश गोप ने की थी, जिसे 2023 में गिरफ्तार किया गया था। संगठन पर कई आपराधिक और हिंसक घटनाएं होने के आरोप शामिल हैं।
