उनके बेटे दामाद विधायक विभा देवी के निधन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पटना केस के मेदांता अस्पताल में पिछले हफ्ते अखिलेश यादव ने अंतिम सांस ली थी, लेकिन अब इसमें नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता और पूर्व श्रम राज्य मंत्री राजवर्ष यादव ने इसे गंभीर मौत करार दिया है और इलाज में गंभीर आरोप लगाए हैं।
अपराधियों का आरोप है कि जिस अस्पताल में समाजवादी पार्टी की पहली भर्ती हुई थी, वहां इलाज में भारी देरी हुई। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को करीब सात घंटे तक रोके रखा, जिससे उसकी हालत खराब हो गई। परिवार का दावा है कि अगर समय पर इलाज किया जाए तो शायद जान बच सकती है।
मामले की जांच को देखते हुए प्रशासन में सख्ती बरती गई है। पटना से कर्मचारियों की एक विशेष टीम में शामिल है, जो पूरी घटना की जांच कर रही है। टीम का नेतृत्व कर रहे हैं डॉ. आफताबीम ने बताया कि इलाज की पूरी प्रक्रिया, अस्पताल की व्यवस्था, एसआईटीए और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। साथ ही औषधियां और इलाज के तरीके भी जान रहे हैं।
इधर, बेटे की मौत के बाद राजवर्ष यादव ने भी एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जल्द ही एक नया अस्पताल बनाया जाएगा। इस अस्पताल में उच्च तकनीक विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था होगी, ताकि जिले के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
घटना के बाद नमूनों में भारी समानताएं हैं और वे पर्यटक जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन भी पूरे मामले में चयनकर्ता से ली गई जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। अब इस मामले की सच्चाई सामने आने पर आप जांच पर नजर रख सकते हैं।
