डीटेल्स डिस्ट्रिक्ट से एक डेटॉक वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपने ही जीवित पिता को सरकारी तौर पर मृत घोषित कर दिया। मामला कुशेश्वर मंदिर के राम बबी गांव का है, जिसे देखकर प्रशासन भी हैरान हो गया।
जानकारी के अनुसार, राम बडी गांव के निवासी विनोद चौपाल के पुत्र लाल चौपाल ने नामांकन दाखिल करने के लिए अपने पिता की मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। पहली बार आवेदन देने के बाद जब प्रमाण पत्र नहीं बना, तो उसने 23 मार्च को लोक सभा में नामांकन लिया।
मामले की जांच के आदेश नीचे दिए गए हैं। इसके तहत डॉक्यूमेंट्री डेवलपमेंट की रूपरेखा ललन कुमार चौधरी को सौंपी गई। जब नोबेल अपनी टीम के साथ राम बडी गांव इलाके में जांच की गई तो सच्चाई सामने आ गई।
स्थानीय जांच में पाया गया कि जिन विनोद चौपाल को कागजों में मृत बताया गया था, वे पूरी तरह से जीवित हैं और अपने घर में पत्नी के साथ रह रहे हैं। यह देखकर जांच टीम भी चौंक गई। मशीन पर ही आवेदन को फर्जी करार दिया गया।
फ़्रेम विकास फ़्रेम ललन कुमार चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घोटाला का आभास होता है। इस जांच की जांच की जा रही है कि अंतिम पुत्रों ने अपने जीवित पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र से किस विधि को स्वीकार करने का प्रयास किया है। खतरनाक जोखिम जा रहा है कि इसके पीछे संपत्ति या सरकारी लाभ की नियुक्ति हो सकती है।
प्रशासन ने इस मामले को चयन से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पंचायत सचिव और संबंधित पैनल को निर्देश दिया गया है कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े सभी सहायक मामलों का 15 दिनों के लिए भौतिक सत्यापन किया जाए।
यह घटना केवल तीन अंकों की है, बल्कि यह भी जरूरी है कि सरकारी दुकानों में दुकानें और जांच जरूरी है।
