बिहार के एस्कॉल्ट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिजली विभाग के एक पत्रिका के इंजीनियर के घर की आर्थिक अपराध इकाई ईओयू ने छापी है। यह कार्रवाई एस्टोनिया जिले के सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक में की जा रही है। हालांकि इस पूरे मामले में अब तक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ईओयू की टीम ने मसाले पर चार टुकड़ों को बंद कर दिया और घर को चारों तरफ से घेरकर लॉजिस्टिक जांच अभियान शुरू कर दिया। किसी भी प्रकार की बाधा या अपराधी के भागने के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की तोड़फोड़ की जाती है। टीम के घर के अंदर मौजूद सभी साक्षियों की गुप्तचर से जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि रोबोट के समय इंजीनियर के परिवार के सदस्य भी घर में मौजूद थे, जांच अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही घर में महत्वपूर्ण, गुणवत्तापूर्ण और अन्य तीक्ष्णताएं रखी जा रही हैं। ईओयू की टीम हर दस्तावेज की आपत्तिजनक से जांच कर रही है, जिससे किसी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद जा रही है।
दस्तावेज के दस्तावेज तो यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। आरोप है कि डेमोक्रेट्स ने गैरकानूनी तरीके से अपने पद की संपत्ति खरीदी है। आर्थिक अपराध इकाई को इस मामले में ठोस सबूत मिलने के बाद ही यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
केवल मनोवैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि इस मामले में कई अन्य खोजें भी जारी हैं। जानकारी के अनुसार, सहायिका के जयनगर स्थित अपार्टमेंट और आवास के अलावा सुपौल जिले के निर्मली और करजाईन में भी ईओयू की टीम का सामान दे रही है।
जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
