जहानाबाद से एक अहम खबर सामने आई है, जहां दिल्ली के स्टाक के मामले में तिहाड़ जेल में बंद शरजील इमाम 6 साल बाद अपने घर से चले गए हैं। अदालत ने उन्हें 10 दिन की ज़मानत दी, जिसके बाद वह अपने खोजी गांव काको मध्य में गए। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार के साथ ईद का त्योहार मनाया और मुलाकात की।
जेल से बाहर आकर शरजील ने सबसे पहले अपने अवशेषों और गांव के लोगों से मुलाकात की। ईद के मौके पर उन्होंने गले मिलकर सभी को मुबारकबाद दी। काफी समय बाद बेटे के घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। उनके भाई मुजम्मिल इमाम ने भावुक होते हुए कहा कि 6 साल बाद यह पहला मौका है जब शरजील घर आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पेरोल का कोई ठोस आधार नहीं था, लेकिन इस बार कोर्ट ने परिवार की स्थिति को समझा और राहत दी।
हालाँकि, अदालत ने इस अंतरिम जमानत के दौरान कुछ प्रतिबंध भी लागू किए हैं। शरजील इमाम ने इस अवधि में सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया और किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया। साथ ही, उन्हें केवल अपने परिवार और करीबी रिश्तेदारों से मिलने की जानकारी दी गई है और उनके अंदर रहने का स्थान तय करने का निर्देश दिया गया है।
शरजील के वकील अहमद इब्राहिम ने बताया कि कोर्ट की तरफ से 50 हजार रुपये के दो बांड जोड़े गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि शरजील को 20 मार्च से 30 मार्च तक की सजा दी गई है, ताकि वह अपने भाई मुजम्मिल इमाम की शादी में शामिल हो सकें। 25 मार्च को नेपोलियन में और 28 मार्च को स्वागत समारोह होना है। साथ ही, उनकी मां की तबीयत खराब होने के कारण भी उन्हें परिवार के साथ रहने की जानकारी दी गई है।
साज़िश है कि 2020 के दिल्ली केस में शरजील इमाम को मुख्य आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था। इस हिंसा में 54 लोगों की जान चली गई थी। देखें, 10 दिनों की इस राहत के बीच शरजील अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं।
