बिहार के कैमूर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ट्रैफिक पुलिस पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगा है। इंडेन गैस एजेंसी के मालिक और कर्मचारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने बिना एलपीजी कनेक्शन के गैस सिलेंडर की मांग की और मना करने पर उनकी गाड़ियों का चालान काट दिया।

यह मामला मोहनिया नगर के चांदनी चौक का है, जहां बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इंडेन गैस एजेंसी की गाड़ियों का चालान काटे जाने से नाराज कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी गाड़ियों को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे इलाके में लंबा जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

एजेंसी के मैनेजर रामा शंकर झा ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार पहले भी दो बार ‘ब्लैक’ में सिलेंडर मांग चुके थे। जब उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया, तो अब गाड़ियों को निशाना बनाकर चालान काटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बेवजह आधे घंटे तक रोके रखा गया।

वहीं एजेंसी के मालिक प्रदीप कुमार पटेल ने भी पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर बिना कनेक्शन सिलेंडर की मांग की जा रही है, तो यह जांच का विषय है कि ऐसे सिलेंडर कहां से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना स्तर से भी सिलेंडर के लिए फोन आते हैं और मना करने पर कार्रवाई की जाती है।

हालांकि, ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चालान केवल नियमों के उल्लंघन—जैसे सीट बेल्ट और नंबर प्लेट की कमी—के कारण काटा गया है, न कि सिलेंडर विवाद की वजह से।

इस पूरे मामले पर मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि गाड़ियों की नियमित जांच के दौरान कागजात में कमी पाई गई, इसलिए जुर्माना लगाया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिना कनेक्शन गैस सिलेंडर मांगने के आरोपों की जांच की जाएगी।

फिलहाल, यह मामला जांच के दायरे में है और सच सामने आने का इंतजार है।

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