बिहार के किशनगंज जिले से एक बेहद जुझारू लड़की का मामला सामने आया है, जहां एक युवक की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार तक कर दिया गया, लेकिन बाद में वह युवक जिंदा मिल गया। इस घटना में न केवल परिवार बल्कि पुलिस प्रशासन को भी शामिल किया गया है।
पूरा मामला सदर थाना क्षेत्र के मोतीबाग निवासी अमर चौहान से हुआ है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को खगड़ा तीन नंबर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई थी। घटना की सूचना मीट ही होटल और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर। इसी दौरान अमर चौहान की स्थानीयता भी वहां के इलाके और क्षत-विक्षत शव को अमर चौहान के रूप में पहचान ली गई।
अवशेषों के बयान के आधार पर पुलिस ने यूडी केस दर्ज किया और शव को शव के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। अवशेषों के बाद उनके शव के अवशेषों को नष्ट कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया।
लेकिन कहानी में बड़ा मोड़ तब आया जब अंतिम संस्कार के बाद परिवार को सूचना मिली कि अमर चौहान पश्चिम बंगाल के पंजीपारा इलाके में जिंदा है और नशे की हालत में है। यह खबर उनके परिवार के लोगों ने तुरंत पंजाबीपारा क्षेत्र में दर्ज कराई, जहां वे अमर चौहान को जीवित पाए गए। उसे वापस किशनगंज लाया गया।
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, उसका अंत किसका था। इस रहस्य ने पुलिस और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस ने मामले में एक और यूडी दर्ज केस की जांच शुरू कर दी है। किशनगंज के एसपी संतोष कुमार ने बताया कि आमतौर पर शवों की पहचान के आधार पर शव की पहचान की जाती है, लेकिन इस मामले में पहचान गलत साबित हुई है। अब पुलिस उस अज्ञात शव की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर वह मृत व्यक्ति कौन था।
