पटना: बिहार में कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े फेरबदल की शुरुआत की है। प्रदेश में 53 नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। यह कदम पार्टी की कमजोर चुनावी स्थिति और आंतरिक चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपने एक्स अकाउंट पर नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की सूची साझा करते हुए सभी को बधाई दी और संगठन को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने लिखा कि सभी मिलकर बिहार के विकास, न्याय और बदलाव के अभियान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगठनात्मक जिलों को पुनर्गठित करने और नए डीसीसी अध्यक्षों की तत्काल नियुक्ति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस प्रक्रिया में एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने जिलास्तरीय समीक्षा की, पार्टी कार्यकर्ताओं और हितधारकों से विचार विमर्श किया और विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद वरिष्ठ नेतृत्व ने पर्यवेक्षकों के साथ व्यक्तिगत चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया। इसमें 43 नए चेहरे शामिल हैं, जबकि 10 को दोबारा मौका मिला।

पार्टी के हालिया चुनावी प्रदर्शन ने यह पुनर्गठन जरूरी बना दिया। 2025 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल छह सीटों पर जीत हासिल की। 2020 में भी पार्टी ने 70 सीटों में से सिर्फ 19 पर जीत दर्ज की थी।

संगठनात्मक चुनौतियों के अलावा आंतरिक समस्याएं भी गंभीर हैं। फरवरी 2024 में बिहार फ्लोर टेस्ट के दौरान कई कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग में शामिल हुए। 2026 के राज्यसभा चुनाव में छह विधायकों में से तीन अनुपस्थित रहे, जिससे भाजपा के शिवेश कुमार राम ने राजद के अमरेंद्र धारी सिंह को हराया।

इन परिस्थितियों के चलते पार्टी ने जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया। नए डीसीसी अध्यक्ष कई जिलों में नियुक्त किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियों में मोहम्मद मासूम रजा (अररिया), मोहम्मद कैफ (अरवल), आनंद शंकर सिंह (औरंगाबाद), जितेन्द्र सिंह (बांका), शिव प्रकाश गरीबदास (बेगूसराय) और प्रवीन सिंह कुशवाह (भागलपुर) शामिल है

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