कटिहार शहर के गामी टोला इलाके में रविवार को प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला, जहां न्यायालय के आदेश पर वर्षों से बसे सैकड़ों परिवारों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया। सुबह होते ही प्रशासनिक टीम करीब 10 बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और 8 एकड़ 56 डिसमिल जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। देखते ही देखते कई घर मलबे में तब्दील हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि जमीन विवाद का मामला लंबे समय से न्यायालय में चल रहा था। महंत मदन कुमार दास के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन को कब्जा हटाने का आदेश मिला। इसी आदेश के पालन में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के निर्देश के तहत की गई है।
वहीं, अपने घर टूटते देख स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प भी हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और कार्रवाई का विरोध करने लगीं। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के अचानक बुलडोजर चलाया गया। विरोध के दौरान आगजनी की घटना भी सामने आई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
स्थानीय महिला गीता सिंह ने प्रशासन पर बिना नोटिस कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर जमीन किसी और की है तो संबंधित कागजात सार्वजनिक किए जाएं। दूसरी ओर, नाजीर ब्रह्मदेव मंडल ने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुसार जमीन खाली कराकर महंत मदन कुमार दास को सौंपनी है और प्रशासन उसी आदेश का पालन कर रहा है।
घंटों तक चले हंगामे और विरोध के बाद प्रशासन ने पूरी जमीन खाली करा ली। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कटिहार का यह बुलडोजर एक्शन पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।


