बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में चार लोगों के शवों के टुकड़े मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और दो मासूम बच्चों की हत्या परिवार के ही छोटे भाई विकास गुप्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद शवों को 18 टुकड़ों में काटकर सूटकेस और बोरों में भरकर नदी और नहर किनारे फेंक दिया गया।
कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि 10 मई को मोहनिया-रामगढ़ मार्ग पर दुर्गावती नदी पुल के नीचे दो सूटकेस मिले थे, जिनमें इंसानी शरीर के कटे अंग बरामद हुए। इसके दो दिन बाद अभयदेय गांव के पास नहर किनारे दो बोरों में भी मानव अंग मिले। जांच में पता चला कि शव डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता और उनके परिवार के थे।
एसआईटी जांच के दौरान मुख्य आरोपी विकास गुप्ता को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद शवों को स्कूटी पर लादकर अलग-अलग जगहों पर फेंका गया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दो कटे हुए सिर, हत्या में इस्तेमाल चाकू, देसी कट्टा, कारतूस, स्कूटी और लोहे का फाइटर बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। 5 मई को कृष्ण मुरारी गुप्ता और उनकी मां के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद मां ने महाराष्ट्र में काम कर रहे बेटे विकास को फोन कर घर बुलाया। विकास ने अपने दोस्त दीपक राजपूत और भाई राहुल उर्फ गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
7 मई को आरोपियों ने पहले कृष्ण मुरारी गुप्ता की हत्या की। पत्नी ने घटना देख ली तो उसे भी मार डाला। बाद में स्कूल से लौटे दोनों बच्चों की भी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में मृतक की मां और विकास की पत्नी भी शामिल थीं। फिलहाल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।


