गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में बाराचट्टी से हम पार्टी की विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में जाने के दौरान उनका रास्ता रोककर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। घटना के बाद उन्होंने मोहनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को विधायक ज्योति मांझी मोहनपुर प्रखंड के बुमुआर पंचायत अंतर्गत गंभीरा गांव में आयोजित अदरकी समाज के कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। विधायक ने बताया कि बिंदा तक पुलिस सुरक्षा उनके साथ थी, लेकिन नदी पार कर गंभीरा गांव की ओर बढ़ते ही एक सवारी वाहन ने उनके काफिले का रास्ता रोक दिया। आरोप है कि वाहन चालक ने जानबूझकर गाड़ी बीच सड़क पर खड़ी कर दी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
विधायक के अनुसार, जब उनके अंगरक्षकों ने वाहन हटाने का अनुरोध किया तो सवारी गाड़ी में मौजूद 15 से 20 लोग उतर आए और बॉडीगार्ड से उलझ गए। इस दौरान हाथापाई और मारपीट की नौबत आ गई। विधायक ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उनके वाहन के शीशे पर भी हमला किया गया। खुद को असुरक्षित महसूस कर रही विधायक काफी देर तक अपनी स्कॉर्पियो में बैठी रहीं।
स्थिति बिगड़ती देख विधायक ने आसपास के ग्रामीणों और परिचित लोगों को फोन कर मदद मांगी। स्थानीय लोगों के पहुंचने के बाद किसी तरह विधायक, उनके अंगरक्षक और समर्थकों को सुरक्षित वहां से निकाला गया।
ज्योति मांझी ने कहा कि चुनाव के समय से ही उन पर लगातार इस तरह के हमले हो रहे हैं और इसकी सूचना प्रशासन को पहले भी दी जाती रही है। इस मामले में विधायक ने पलटु यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारू मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया है।
वहीं, बोधगया एसडीपीओ अमित जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पुलिस गंभीरता से कार्रवाई में जुटी है।


