बिहार के Sitamarhi जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित घुरघुरा रामनगर गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के एक पोखर से सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड बरामद किए गए। नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में मतदाता पहचान पत्र मिलने की घटना ने प्रशासन और ग्रामीणों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार गांव के दो बच्चे पोखर में घोंघा चुनने के लिए उतरे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में पड़े कुछ कार्डों पर पड़ी। पहले उन्हें लगा कि यह सामान्य कागज है, लेकिन पास जाकर देखने पर पता चला कि वे वोटर आईडी कार्ड हैं। बच्चों ने तुरंत इसकी सूचना गांव वालों को दी।
देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने पोखर में उतरकर कार्ड निकालना शुरू किया। ग्रामीणों का दावा है कि वहां से बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिले हैं। कई कार्ड पानी में भीगे हुए थे, जबकि कुछ पूरी तरह सुरक्षित हालत में पाए गए।
घटना की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई। नेपाल सीमा के करीब इतने बड़े पैमाने पर वोटर कार्ड मिलने से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज पोखर तक पहुंचे कैसे। क्या इन्हें जानबूझकर फेंका गया या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है?
मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि उन्हें फोन और व्हाट्सएप के जरिए सूचना मिली है। बरामद सभी वोटर आईडी कार्डों को प्रखंड कार्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वोटर आईडी कार्ड लोकतंत्र से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में इसका पोखर में मिलना प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन जांच में जुट गया है।


